
पलवल.01 जनवरी।
भगत सिंह तेवतिया.
नववर्ष के उपलक्ष्य में पलवल जिला पुलिस द्वारा आज पुलिस लाइन पलवल के परेड ग्राउंड में “बड़ा खाना” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक पलवल वरूण सिंगला जी ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती रूबल शिमला के साथ संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर जिला प्रशासनिक अधिकारीगण-एसडीएम पलवल ज्योति, एसडीएम होडल बलीना, एसडीएम हथीन अप्रतिम सिंह, नगराधीश प्रीति रावत, डीएसपी हेड क्वार्टर पलवल अनिल कुमार, डीएसपी पलवल मनोज वर्मा, डीएसपी होडल साहिल ढिल्लों, डीएसपी हथीन मोहिन्दर वर्मा, डीएसपी पलवल नरेंद्र खटाना तथा डीएसपी पलवल सुरेंद्र कुमार व समस्त पलवल पुलिस परिवार उपस्थित रहा।
इस अवसर पर पत्रकार और पुलिसकर्मियों के बीच में रस्सा कसी सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रस्सा कसी प्रतियोगिता में पुलिस के थाना प्रबंधकों ने बाजी मारी। आयोजित मैजिक शो ने लोगों को अचंभित कर दिया। मैजिशियन ने अपने अद्भुत करतबों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुलिस अधीक्षक पलवल ने पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक वरूण सिंगला ने कहा कि “नव वर्ष के उपलक्ष्य में हम सभी एक साथ आए हैं। यह आयोजन हमारे बीच के संबंधों को मजबूत बनाने का एक अवसर है। मैं सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं देता हूं।” उन्होंने कहा कि जिला पुलिस पलवल द्वारा संकल्प लिया गया है कि वर्ष 2026 में पलवल जिला को अपराध मुक्त और नशा मुक्त जिला बनाया जाएगा। अपराधियों पर नकेल कसने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों में भाग लेना चाहिए। खेलों में भाग लेने से शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है। खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने से युवा नशे से दूर रह सकते है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बड़ा खाना पुलिस बलों में एक पारंपरिक सामुदायिक भोज है,जहां अधिकारी और जवान एक साथ बैठकर भोजन करते है। यह हरियाणा पुलिस में प्रचलित एक परंपरा है। इस परंपरा का मुख्य उद्देश्य बल के सदस्यों के बीच भाईचारा, एकता और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर पद या रैंक का कोई भेदभाव नहीं होता है,सभी अधिकारी और कर्मचारी एक ही जगह, एक ही समय पर, और अक्सर एक ही तरह का भोजन करते हैं। यह आयोजन पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों का मनोबल बढ़ाने और उनमें टीम भावना पैदा करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतीकात्मक है कि टीम में से कोई भी खुद को छूटा हुआ महसूस न करे। कार्य के सापेक्ष प्रत्येक पुलिस कर्मी निष्ठा समान होती है। कोई भी पुलिस कर्मी पद में बड़ा हो या छोटा लेकिन उसका कार्य समान रूप से महत्वपूर्ण होता है।
