जयपुर.07 जनवरी।
प्रकाश चंद्र शर्मा.

विकसित भारत में पुलिसिंग‘‘ विषय पर राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन 8 व 9 जनवरी को राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में आयोजित किया जाएगा।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एवं निदेशक संजीव कुमार नार्जरी राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर ने बताया कि इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग भास्कर ए.सावंत, उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा व जयपुर मुख्यालय पर पदस्थापित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा सभी रेंज आईजी, सभी जिला पुलिस अधीक्षक व अन्य पुलिस अधिकारीगण शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि पहले राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा 12 जनवरी 1950 को नई दिल्ली में किया गया। इसी क्रम में 60वॉ राष्ट्रीय डीजी/आईजी पुलिस सम्मेलन नवम्बर 2025 को प्रधानंमत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में रायपुर छत्तीसगढ में आयोजित हुआ। जिसकी सिफारिशों के अनुक्रम में आयोजित होने वाले इस राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन में 02 दिन में दस सत्र आयोजित होंगे। जिनमें विकसित भारत में पुलिसिंग सम्बन्धी विषयों पर महत्वपूर्ण व्याख्यान होंगे।

*दस सत्रों में विभिन्न विषयों पर होंगे व्याख्यान:

8 जनवरी को प्रथम सत्र में साइबर अपराध विषय की चुनौतियों, सावधानी तथा समाधान विषय पर व्याख्यान होगा।
द्वितीय सत्र में 60वें डीजी/आईजी राष्ट्रीय कॉन्फेन्स के मुख्य बिन्दुओं की डीब्रीफिंग पर चर्चा की जायेगी।
तृतीय सत्र में पुलिस थानों के सुदृढीकरण विषय पर व्याख्यान होगा। तथा किस तरह पुलिस थाने की कार्यप्रणाली को जनोन्मुख व पुलिस प्राथमिकताओं के अनुकूल बनाया जाए इस विषय पर चर्चा होगी।
चतुर्थ सत्र में पुलिसिंग रोडमैप-विजन 2047(ऑनलाइन)विषय का खाका तैयार किया जाएगा। तथा विजन-2047 प्रस्तुत किया जाएगा।
पाँचवे सैशन में वैश्विक परिदृश्य में काउन्टर टैररिज्म की चुनौतियों संभावित खतरे व उठाये जा रहे आवश्यक रोकथाम सम्बन्धी कदम की चर्चा की जाएगी।
9 जनवरी के प्रथम सत्र में पुलिस प्राथमिकताओं में अव्वल महिला सुरक्षा और उसमें प्रौद्योगिकी व तकनीक के प्रयोग विषय पर महत्त्वपूर्ण व्याख्यान होगा।
दूसरे सत्र में जन आन्दोलन का मुकाबलाः एक पांरिस्थितिकी तन्त्र दृष्टिकोण की आवश्यकता विषय पर व्याख्यान होगा।
तीसरे सत्र में त्वरित अनुसंधान के लिए फोरेन्सिक क्षमता कों बेहतर करने तथा एनसीएल की पालना सुनिश्चित करने सम्बन्धी विषय पर गम्भीर चर्चा की जाएगी।
चौथे सत्र में वर्तमान युवाओं सम्बन्धी एक गम्भीर समस्या तथा चुनौती ड्रग्स व नारकोटिक्स विषय पर इसके निवारण अनुसंधान पुनर्वास तथा जागरुकता विषय पर महत्वपूर्ण चर्चा की जाएगी।
पाँचवे और अंतिम सत्र में वर्तमान परिदृश्य में विभिन्न आपदा उनके प्रबन्धन तथा चुनौतियों से निपटने तथा आगे की राह तय करने की दिशा में परिचर्चा की जाएगी
राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में इस सम्मेलन की तैयारियां जोर-शोर से चल रहीं है।

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