


गुरुग्राम/फरीदाबाद.06 जनवरी।
वंदना.
आचार्य मनीष हरि के गौशाला आगमन पर गौसेवकों एवं ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें पुष्पमालाएं पहनाकर एवं गौमाता का पूजन कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आचार्य मनीषहरि ने देशी गौमाता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने बताया कि देशी गाय का दूध, घी एवं गोबर स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक खेती के लिए अत्यंत लाभकारी है।
गौशाला के संस्थापक लखन भारद्वाज बृजवासी जी ने कहा कि आचार्य श्री का आगमन हम सब के लिए गौरव की बात है,आचार्य जी निरंतर गौसेवार्थ कार्य कर रहे है।
गौशाला प्रधान पंडित अभिषेक उपाध्याय ने बताया गौसंरक्षण से न केवल मानव जीवन स्वस्थ होता है, बल्कि भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है। उन्होंने युवाओं से गौसेवा एवं जैविक खेती से जुड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर गौशाला समिति के पदाधिकारी,स्थानीय गणमान्य नागरिक सुभाष चंद्र शर्मा,हेमराज खटाना, राकेश तिवारी, जगवीर जी, मनोज डागर, विष्णु शर्मा, ओपी कश्यप ,अवनीश सिंह, मनोज वर्मा आदि श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, कार्यक्रम का समापन गौसेवा एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
